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फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पाउडर: फायदे, खà¥à¤°à¤¾à¤• व बनाने की विधि
यह तो सà¤à¥€ जानते हैं कि शिशॠके लिठमां का दूध सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® होता है, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ किनà¥à¤¹à¥€à¤‚ कारणों से कà¥à¤› शिशॠमां के दूध से वंचित रह जाते हैं। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दिया जाता है। हालांकि, फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध को लेकर माता-पिता के मन में कई सवाल और दà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ हो सकती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख से हम फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• और उसके कà¥à¤› फायदों के बारे में बताà¤à¤‚गे।
सबसे पहले लेख में जानते हैं कि फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• होता कà¥à¤¯à¤¾ है?
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• शिशॠको बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• के विकलà¥à¤ª के तौर पर दिया जाता है। यह मिलà¥à¤• विटामिन, शà¥à¤—र, फैट और अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को मिलाकर बनाया जाता है (1)। फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• तब दिया जाता है, जब मां शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने में असकà¥à¤·à¤® होती है या फिर किनà¥à¤¹à¥€à¤‚ अनà¥à¤¯ कारणों की वजह से शिशॠको मां का दूध नहीं मिल पाता है (2)।
जब बात आती है फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• की, तो कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि कà¥à¤¯à¤¾ यह शिशॠके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है? इस लेख में आगे हम इस का जवाब दे रहे हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
अगर शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं कर पा रहा है, तो फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• à¤à¤• सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ विकलà¥à¤ª के रूप में दिया जा सकता है (3)। हालांकि, इसे देने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात जरूर करें, ताकि वो शिशॠकी आयॠऔर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के आधार पर सही फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• का सà¥à¤à¤¾à¤µ दे सके। इतना ही नहीं इसे बनाते वकà¥à¤¤ à¤à¥€ सावधानी बरतनी जरूरी है।
अब बारी आती है फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध के फायदे जानने की।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध के फायदे
अगर बात करें इस दूध के फायदे की, तो यह न सिरà¥à¤« शिशॠके लिà¤, बलà¥à¤•ि कई मायनों में मां के लिठà¤à¥€ फायदेमंद है। नीचे हम इस बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं (1) (4)–
अगर मां किसी काम में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ है, तो परिवार या जान-पहचान का कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आपके शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पिला सकता है।
अगर रात को आपका शिशॠउठजाà¤, तो आपके पति à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूध पिला सकते हैं। इससे आपको काफी मदद मिलेगी।
शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पचाने में थोड़ा वकà¥à¤¤ लगता है, à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‚ख कम लगती है। इस कारण शिशॠको बार-बार दूध पिलाने की जरूरत नहीं होती।
जो माà¤à¤‚ अपने बचà¥à¤šà¥‡ को फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देती हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने डाइट की चिंता नहीं करनी होगी। वो कà¥à¤› à¤à¥€ खा सकती हैं और इससे उनके बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत बिगड़ने का à¤à¥€ कोई डर नहीं होता।
आजकल कई à¤à¤¸à¥‡ फारà¥à¤®à¥‚ला फीडà¥à¤¸ होते हैं, जिनमें उचित मातà¥à¤°à¤¾ में डीà¤à¤šà¤ (Docosahexaenoic acid) पहले से ही मौजूद होता है। यह मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास और शारीरिक विकास के लिठआवशà¥à¤¯à¤• फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है। साथ ही कà¥à¤› रिसरà¥à¤š में यह बात सामने आई है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अधिकांश मां के दूध में डीà¤à¤šà¤ की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• के अलावा आजकल ईबीà¤à¤® तकनीक (Expressed breast milk) à¤à¥€ आ चà¥à¤•ी है। इसमें सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने वाली मां अपने दूध को पंप दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकालकर सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° कर सकती हैं। इस दूध को फà¥à¤°à¤¿à¤œ में करीब 24 घंटे तक सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° करके रखा जा सकता है।
नोट : हम फिर से सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर दें कि छह माह तक के शिशॠके लिठमां के दूध से बेहतर और कà¥à¤› नहीं होता।
अब लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में हम बता रहे हैं कि फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• कितने पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार
वैसे तो फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• कई पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं, लेकिन यहां हम कà¥à¤› खास फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• के बारे में बता रहे हैं।
गाय के दूध का फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• (Cow’s Milk Based Formula) : जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• का मà¥à¤–à¥à¤¯ घटक गाय का दूध होता है। यह गाय के दूध के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से बना होता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठताकि यह शिशॠको बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥à¤• की तरह ही लगे। इसमें लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ और मिनरल à¤à¥€ मौजूद होते हैं।
सोया फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• (Soy-Based Formula) : यह फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• सोया पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से तैयार किया जाता है और इसमें लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ नहीं होता है। जिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ पचाने में असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ होती है, उनके लिठसोया फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• उतà¥à¤¤à¤® हो सकता है। इसे आसानी से पचाया जा सकता है।
लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ फà¥à¤°à¥€ फॉरà¥à¤®à¥‚ला (Lactose-Free Formula) : कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं को लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है या वो लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ पचा नहीं पाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œ फà¥à¤°à¥€ फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देने की सलाह देते हैं।
हाइपोà¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥‡à¤¨à¤¿à¤• फॉरà¥à¤®à¥‚ला (Hypoallergenic formulas-protein hydrolysate formulas) : यह उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठतैयार किया जाता है, जिनको दूध पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है और à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर रैशेज, सांस की तकलीफ या घरघराहट होती है। यह फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• अनà¥à¤¯ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में थोड़े महंगे होते हैं।
वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से हाइडà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ फॉरà¥à¤®à¥‚ला (Extensively Hydrolyzed Formula) : à¤à¤• और फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• होता है हाइडà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ फॉरà¥à¤®à¥‚ला। इसमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को छोटे à¤à¤¾à¤—ों में तोड़ा जाता है, ताकि शिशà¥à¤“ं को पचाने में आसानी हो। डॉकà¥à¤Ÿà¤° उन शिशà¥à¤“ं के लिठइस पà¥à¤°à¤•ार के फॉरà¥à¤®à¥‚ले की सलाह देते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को पचाने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो या जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो।
विशेष या सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ फॉरà¥à¤®à¥‚ला (Specialized Formulas) : यह उन शिशà¥à¤“ं के लिठतैयार किया जाता है जो पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° (निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ समय से पहले जनà¥à¤®à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡) हों या जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोई विशेष तरह की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ या विकार होता है। इसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के सलाह के बाद ही शिशॠको दिया जा सकता है। इसमें सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚डरà¥à¤¡ फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में लगà¤à¤— 20% अधिक पोषक ततà¥à¤µ होते हैं। यह à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, फैट से समृदà¥à¤§ होता है। पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° शिशॠको सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚डरà¥à¤¡ फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण नहीं दे सकता।
अब जब आपको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• से संबंधित जरूरी जानकारी मिल चà¥à¤•ी है, तो अब बारी आती है फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• बनाने की विधि जानने की।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• कैसे बनाà¤à¤‚? | Formula Milk Kaise Banaye
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• बनाते वकà¥à¤¤ नीचे दी गठबातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें:
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• बनाने से पहले अपने हाथों को अचà¥à¤›à¥‡ से धो लें और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि जहां आप इसे तैयार कर रहे हैं, वो जगह साफ हो।
जब आप नई बोतल खरीदें, तो उसे पहले गरà¥à¤® पानी में कà¥à¤› देर डालकर रखें और फिर धो लें। बाद में जब à¤à¥€ आप इसका उपयोग करें, तो गरà¥à¤® पानी से धो लें।
अब फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• की बोतल या पैकेट में इसके बनाने की तारीख और कब तक उपयोग किया जा सकता है उसकी तारीख देखें। अगर उपयोग की तारीख पार हो चà¥à¤•ी है, तो उसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— न करें।
इसके साथ ही पैकेट खोलने के à¤à¤• महीने के à¤à¥€à¤¤à¤° पाउडर का उपयोग करें।
अब पैकेट में बताठगठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आप सही तरीके से इसको तैयार करें, ताकि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को सही और पूरा पोषण मिले।
à¤à¤• केतली या सॉस पैन में ताजा साफ पानी उबालें।
शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला बनाने से पहले 30 मिनट से अधिक समय तक पानी को ठंडा न होने दें। गरà¥à¤® पानी पाउडर में किसी à¤à¥€ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (कीटाणà¥à¤“ं) को मारने में मदद करता है।
जितनी मातà¥à¤°à¤¾ बताई गई हो उतनी मातà¥à¤°à¤¾ में बोतल में उबला हà¥à¤† पानी डालें।
पाउडर की सटीक मातà¥à¤°à¤¾ को मापने के लिठफॉरà¥à¤®à¥‚ला के साथ दिठगठसà¥à¤•ूप या चमà¥à¤®à¤š का उपयोग करें। दूसरे बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड के पाउडर के सà¥à¤•ूप का उपयोग न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वो बड़ा या छोटा हो सकता है, जिससे सही मातà¥à¤°à¤¾ मापने में असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ हो सकती है।
अब बोतल में फॉरà¥à¤®à¥‚ला डालें और बोतल को बंद करके तब तक हिलाà¤à¤‚ जब तक वो अचà¥à¤›à¥‡ से घà¥à¤² न जाà¤à¥¤
à¤à¤• बार में शिशॠको जितनी जरूरत हो उतना ही फॉरà¥à¤®à¥‚ला बनाà¤à¥¤ à¤à¤• बार में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनाकर रख देने से बोतल में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ (कीटाणà¥) पनप सकते हैं, जिसके सेवन से बचà¥à¤šà¤¾ बीमार हो सकता है।
कà¤à¥€ à¤à¥€ बचा हà¥à¤† फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को न दें।
इसे देने से पहले अपने हाथ में डालकर इसके टेमà¥à¤ªà¤°à¥‡à¤šà¤° का पता कर लें कि कहीं यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® तो नहीं है।
जब à¤à¥€ इसे बनाà¤à¤‚ इसके पैकेट में दिठगठनिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें और उसी अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बनाà¤à¤‚।
नोट: दूध को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पतला करने से उसमें मौजूद पोषक ततà¥à¤µ कम हो सकते हैं। इसके अलावा, जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गाà¥à¤¾ दूध à¤à¥€ शिशॠके लिठआंतों की गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि दूध न तो जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पतला हो और न ही जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गाà¥à¤¾à¥¤
मेरे बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितना फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है?
हर शिशॠकी फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पीने की मातà¥à¤°à¤¾ अलग-अलग होती है। यह शिशॠके उमà¥à¤° और उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर निरà¥à¤à¤° करता है कि उसे कितना फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पिलाने की जरूरत है। औसतन, आपके बचà¥à¤šà¥‡ को शरीर के वजन के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पाउंड (453 गà¥à¤°à¤¾à¤®) के लिठदिन में लगà¤à¤— 2½ औंस (75 à¤à¤®à¤à¤²) फॉरà¥à¤®à¥‚ला देना चाहिà¤, लेकिन शिशॠकी जरूरत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इस मातà¥à¤°à¤¾ में बदलाव किया जा सकता है। इसलिà¤, बेहतर होगा कि यह आप शिशॠकी जरूरत के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तय करें।
अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ पहले महीने के दौरान पà¥à¤°à¤¤à¤¿ फीड 3 से 4 औंस (90–120 à¤à¤®à¤à¤²) से संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ हो जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप शिशॠकी खà¥à¤°à¤¾à¤• को 1 औंस (30 à¤à¤®à¤à¤²) पà¥à¤°à¤¤à¤¿ माह तक बढ़ा सकते हैं, जब तक कि यह करीब 7 से 8 औंस (210-240 à¤à¤®à¤à¤²) तक नहीं पहà¥à¤‚च जाती है। अगर आपका शिशॠलगातार इससे कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध का सेवन कर रहा है, तो आप बाल रोग विशेषजà¥à¤ž से इस बारे में बात कर सकते हैं।
नोट – हर शिशॠकी फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पीने की मातà¥à¤°à¤¾ अलग-अलग होती है। यह शिशॠकी उमà¥à¤° और उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर निरà¥à¤à¤° करता है कि उसे कितना फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पिलाने की जरूरत है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि 24 घंटे में शिशॠको 32 औंस यानि 960 à¤à¤®à¤à¤² से अधिक फॉरà¥à¤®à¥‚ला नहीं देना चाहिठ(9)। इस संबंध में सटीक जानकारी के लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• कर सकते हैं।
लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में जानिठफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पाउडर शिशॠको कितनी बार देना है।
बेबी को फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• कितनी बार देना चाहिà¤?
शिशॠको हर दिन 6 से 8 बार फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दिया जा सकता है। इस बारे में à¤à¤• बार अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ सलाह जरूर कर लें।
हर चीज के फायदे और नà¥à¤•सान दोनों हैं, वैसे ही फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• में à¤à¥€ फायदे हैं तो नà¥à¤•सान à¤à¥€ है। आइà¤, जानते हैं।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध के नà¥à¤•सान
मां का दूध सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® होता है और उसकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ किसी अनà¥à¤¯ दूध से नहीं की जा सकती है। फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• ने à¤à¤²à¥‡ ही कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठमां के दूध की जगह ली है, लेकिन इसमें कà¥à¤› कमियां à¤à¥€ हैं, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है। नीचे हम इसी के बारे में बता रहे हैं (1)।
à¤à¤‚टीबॉडीज की कमी – जो à¤à¤‚टीबॉडी मां के दूध में होते हैं, वो फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध में शामिल नहीं होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠको बीमारियों के खिलाफ जो सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मां के दूध से मिलती है, वो फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध से नहीं मिल सकती है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥à¤• की तरह नहीं – à¤à¤²à¥‡ ही फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥à¤• की तरह तैयार किया जाता हो, लेकिन फिर à¤à¥€ इसकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥à¤• के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से नहीं की जा सकती है।
उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ की कमी – अगर बात करें बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥à¤• की, तो जब à¤à¥€ शिशॠको à¤à¥‚ख लगे तो मां सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करा सकती है, लेकिन फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• बनाने में वकà¥à¤¤ लगता है। इसलिà¤, यह शिशॠको à¤à¥‚ख लगने के वकà¥à¤¤ तà¥à¤°à¤‚त उपलबà¥à¤§ नहीं होता है।
महंगा – कà¥à¤› फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• महंगे होते हैं। इसकी कीमत इसकी वैरायटी के आधार पर बदलती रहती है।
गैस या कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ – जो शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध का सेवन करते हैं, उनमें पेट की समसà¥à¤¯à¤¾ जैसे – गैस या कबà¥à¤œ होने की आशंका सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है।
संकà¥à¤°à¤®à¤£ का जोखिम – बोतल से फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• के सेवन से शिशà¥à¤“ं में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा à¤à¥€ बॠसकता है।
आगे जानिठकि शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देने से पहले किन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है।
बेबी को फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देते समय इन बातों पर दें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देने से पहले कà¥à¤› मà¥à¤–à¥à¤¯ बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है, जिसकी जानकारी हम आपको नीचे दे रहे हैं :
हर बार उपयोग के बाद फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• की बोतल, उसके ढकà¥à¤•न और निपà¥à¤ªà¤² को अचà¥à¤›à¥‡ से गरà¥à¤® पानी में धोà¤à¤‚।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• को कà¤à¥€ à¤à¥€ माइकà¥à¤°à¥‹à¤µà¥‡à¤µ में गरà¥à¤® न करें। अगर आपको गरà¥à¤® करने की जरूरत महसूस हो, तो किसी पतीले में पानी गरà¥à¤® करके उसमें बोतल को आधा डà¥à¤¬à¥‹à¤•र गरà¥à¤® करें।
अगर शिशॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पीते-पीते छोड़ दे, तो उस बचे हà¥à¤ दूध को फिर से उपयोग न करें।
शिशॠको दूध पिलाते वकà¥à¤¤ बोतल को सीधे पकड़ें, ताकि उसे दूध पीने में आसानी हो।
साथ ही शिशॠके सिर को थोड़ा ऊपर की तरफ उठाकर रखें, ताकि वह छाती के सामानांतर या नीचे की ओर न रहे। इससे शिशॠको दूध पीने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूध देने से पहले अपने हाथ पर दूध की कà¥à¤› बूंद डालकर देख लें कि कहीं वो बहà¥à¤¤ गरà¥à¤® या ठंडा तो नहीं है।
आगे जानिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ में मिलने वाले 5 पॉपà¥à¤²à¤° फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• के नाम।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मिलने वाले 5 पà¥à¤°à¤®à¥à¤– फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• बà¥à¤°à¤¾à¤‚डà¥à¤¸
à¤à¤¾à¤°à¤¤ के 5 मà¥à¤–à¥à¤¯ फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड के नाम हैं –
इनà¥à¤«à¤¾à¤®à¤¿à¤² इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला
नेसà¥à¤²à¥‡ लेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤œà¥‡à¤¨
सिमिलैक à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला
नेसà¥à¤²à¥‡ नैन पà¥à¤°à¥‹ 2 फॉलोअप फॉरà¥à¤®à¥‚ला पाउडर
फैरेकà¥à¤¸ 1 इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला रीफिल
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ सारे फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पाउडर à¤à¤• समान होते हैं?
नहीं, जैसा कि हमने ऊपर बताया कि फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• पाउडर के कई पà¥à¤°à¤•ार हैं। शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और जरूरत अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कौन सा फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• शिशॠको देना चाहिठउसका फैसला डॉकà¥à¤Ÿà¤° लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाना कब बंद कर देना चाहिà¤?
आप शिशॠको à¤à¤• साल से दो साल के बीच में फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पिलाना बंद कर सकते हैं, लेकिन इस बारे में à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° का सà¥à¤à¤¾à¤µ लेना à¤à¥€ जरूरी है (10)।
आशा करते हैं शिशॠके लिठफॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• का यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको इससे मदद मिलेगी। आपके शिशॠके लिठकौन-सा फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• अचà¥à¤›à¤¾ होगा, इसके बारे में आपको सटीक जानकारी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिल जाà¤à¤—ी। à¤à¤¸à¥€ ही अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार की जानकारी के लिठपढ़ते रहें मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨à¥¤
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